शुतुरमुर्ग – Ostrich Information in Hindi

Ostrich Information in Hindi शुतुरमुर्ग (Struthio camelus) पहले मध्य पूर्व और अब अफ्रीका का निवासी एक बड़ा उड़ान रहित पक्षी है। यह स्ट्रुथिओनिडि (en:Struthionidae) कुल की एकमात्र जीवित प्रजाति है, इसका वंश स्ट्रुथिओ (en:Struthio) है। शुतुरमुर्ग के गण, स्ट्रुथिओफॉर्म के अन्य सदस्य एमु, कीवी आदि हैं।

इसकी गर्दन और पैर लंबे होते हैं और आवश्यकता पड़ने पर यह ७० कि॰मी॰/घंटा की अधिकतम गति से भाग सकता है जो इस पृथ्वी पर पाये जाने वाले किसी भी अन्य पक्षी से अधिक है।[4]शुतुरमुर्ग पक्षिओं की सबसे बड़ी जीवित प्रजातियों मे से है और यह किसी भी अन्य जीवित पक्षी प्रजाति की तुलना में सबसे बड़े अंडे देता है।

Ostrich Information in Hindi

शुतुरमुर्ग – Ostrich Information in Hindi

प्रायः शुतुरमुर्ग शाकाहारी होता है लेकिन उसके आहार में अकशेरुकी भी शामिल होते हैं। यह खानाबदोश गुटों में रहता है जिसकी संख्या पाँच से पचास तक हो सकती है। संकट की अवस्था में या तो यह ज़मीन से सट कर अपने को छुपाने की कोशिश करता है या फिर भाग खड़ा होता है। फँस जाने पर यह अपने पैरों से घातक लात मार सकता है। संसर्ग के तरीक़े भौगोलिक इलाकों के मुताबिक भिन्न होते हैं, लेकिन क्षेत्रीय नर के हरम में दो से सात मादाएँ होती हैं जिनके लिए वह झगड़ा भी करते हैं। आमतौर पर यह लड़ाइयाँ कुछ मिनट की ही होती हैं लेकिन सर की मार की वजह से इनमें विपक्षी की मौत भी हो सकती है।

आज दुनिया भर में शुतुरमुर्ग व्यावसायिक रूप से पाले जा रहे हैं मुख्यतः उनके पंखों के लिए, जिनका इस्तेमाल सजावट तथा झाड़ू बनाने के लिए किया जाता है। इसकी चमड़ी चर्म उत्पाद तथा इसका मांस व्यावसायिक तौर से इस्तेमाल में लाया जाता है।

प्रायः शुतुरमुर्ग का वज़न ६० से १३० कि॰ग्रा॰ तक होता है, लेकिन कुछ नर को १६० कि॰ तक का भी पाया गया है।[8]वयस्क नर के पंख प्रायः काले होते हैं और मुख्य तथा पूँछ के पर सफ़ेद होते हैं, हालाँकि एक उपजाति की पूँछ बादामी रंग की होती है। मादा तथा अवयस्क के स्लेटी-भूरे या सफ़ेद होते हैं। नर और मादा का सर क़रीब-क़रीब गंजा होता है, सिवा परों की एक पतली सी पर्त के। मादा की गर्दन और जंघा की त्वचा गुलाबी-स्लेटी होती है,जबकि नर की — उपजाति के अनुसार — नीली-स्लेटी, स्लेटी या गुलाबी हो सकती है।

लंबी गर्दन और टांगों के कारण इसकी लंबाई १.८ से २.७५ मी॰ तक हो सकती है, तथा इसकी आँखें ज़मीनी कशेरुकी जीवों में सबसे बड़ी बतायी जाती हैं – ५० मि॰मी॰ की। अतः यह दूर से ही परभक्षियों को देख लेता है और उनसे बचने की कार्रवाई कर लेता है। ऊपर से आने वाले सूर्य प्रकाश से इसकी आँखों का बचाव होता है, क्योंकि इसकी आँखों की ऊपरी पलकें बहुत घनी होती हैं।

उपजाति के अनुसार इनकी त्वचा का रंग भिन्न होता है। इनकी टांगों में बाल अथवा पर नहीं होते हैं। घुटने से नीचे इनकी त्वचा में शल्कनुमा धारियाँ होती हैं – नर में लाल तथा मादा में काली। शुतुरमुर्ग के पाँव में केवल दो ही अंगुलियाँ होती हैं (अन्य पक्षियों में यह संख्या चार है)। केवल अंदर वाली अंगुली में नाखून होता है, जो कि खुर के समान प्रतीत होता है। बाहर वाली अंगुली बिना नाखून के होती है। शायद कम अंगुलियों का होना शुतुरमुर्ग को तेज़ दौड़ने में मदद करता हो क्योंकि शुतुरमुर्ग लगभग ३० मिनट तक ७० कि॰मी॰ प्रति घंटा की रफ़्तार से लगातार भाग सकता है। पंखों का फैलाव लगभग दो मीटर का होता है और संसर्ग नृत्य तथा चूज़ों को धूप से बचाने में इस्तेमाल किये जाते हैं।

प्रायः सभी उड़ने वाले पक्षियों के परों में छोटे हुक होते जो उड़ते समय सारे परों को एकबद्ध कर लेते हैं, लेकिन शुतुरमुर्ग के परों में इनका अभाव होता है और इसके पर मुलायम तथा रोयेंदार होते हैं और मौसम रोधक का काम करते हैं। इसकी पूंछ में ५०-६० पर होते हैं और पंखों में १६ प्रधान पर, ४ कृत्रिम पर तथा २०-२३ गौण पर होते हैं। शुतुरमुर्ग की उरोस्थि चपटी होती है और इसमें उभार नहीं होते जिनकी मदद से उड़ने वाले पक्षियों के पंखों के स्नायु जुड़े होते हैं। चोंच चपटी और चौड़ी होती है तथा सिरे पर गोल होती है। अन्य थलचर पक्षियों की तरह शुतुरमुर्ग के न तो क्रॉप (गले के नीचे भोजन संचय थैली) होती है और न ही पित्ताशय। इसके तीन पेट होते हैं। अन्य वर्तमान जीवित पक्षियों के विपरीत शुतुरमुर्ग पेशाब और मल का त्याग अलग-अलग करता है।

यौन परिपक्वता दो से चार साल की उम्र में होती है। इस उम्र में नर करीब १.८ से २.८ मी॰ तथा मादा करीब १.७ से २ मी॰ ऊँचे हो जाते हैं। जीवन के पहले वर्ष चूज़े प्रति माह औसतन २५ से॰मी॰ की दर से बढ़ते हैं। एक वर्ष की उम्र का शुतुरमुर्ग औसतन ४५ कि॰ का होता है। इसका जीवनकाल ४० से ४५ वर्ष का होता है।

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